खुद को मुर्दा मान लेने से न्याय नहीं मिलता, लड़ के लेना पड़ता है! -उन्नाव!!

उन्नाव में एक लड़की का रेप होता है, रेप करने वाला बीजेपी का दबंग विधायक कुलदीप सिंह सेंगर होता है। उस पीड़ित हिन्दू लड़की का बाप आवाज उठाता है तो बाप को ही जेल में डाल दिया जाता है, और यही नहीं पुलिस की कस्टडी में उस बाप को मार दिया जाता है। … फिर चाचा आवाज उठाता है तो उसे भी जेल में डाल दिया जाता है। और अब हाल ही में जब वो लड़की अपने वकील, माँ और चाची के साथ गाड़ी में जा रही होती है तो उन्हें एक बिना नम्बर प्लेट के ट्रक से टक्कर मार दी जाती है। जिसमें लड़की की माँ, चाची और वकील की मौत हो जाती है। लड़की की हालत गंभीर बनी हुई है।

कोई बात नहीं,

लोग भारत माता की जय बोलें, जय श्री राम बोलें। भगवा पहनें, पाकिस्तान को दो-चार गालियाँ देकर बीजेपी को वोट दें। यही सब तो जरूरी है।

क्योंकि वो लड़की हमारे घर की नहीं है ना, हमें क्या मतलब।

विद्यायक दारू पी के मस्त था,अपने गुंडों के साथ आया,उसका घर खुलवाया और उस बच्ची का अपने गुंडों के साथ गैंग रेप किया।

1 साल वो बच्ची भटकी पुलिस के पास,जब सोशल मीडिया में बात उठी तो FIR हुआ,

फिर विधायक अपने पहुँच के दम पर पुलिस से धमकी दिलवाया,बच्ची और उसका परिवार हिला नही, विधायक ने पुलिस से बच्ची के बाप को उठवा लिया।

बच्ची के बाप को पुलिस और विधायक खुद थाने में पीट पीट कर पुलिस कस्टडी में ही मार दिया।

फिर उसके चाचा को उठा लिया,चाचा 1 साल से बंद है,

कल विधायक ने बच्ची की माँ,चाची और वकील को मरवा दिया,बच्ची पीछे की सीट पर बैठी थी,बच्ची बच गयी पर ट्रामा सेंटर के जिंदगी और मौत आए जूझ रही है।

बाकी अब इस देश के लोगो को खुद को मुर्दा मान लेना चाहिए या हिजड़ा मान ले खुद को जनता,क्या इससे भी ज्यादा दर्दनाक कुछ देखना बाकी है?

और उससे ज्यादा बेशर्म वो जो ऐसे लोग ऐसी पार्टी को वोट देते है।